अनाक क्राकाताउ ज्वालामुखी के पास गायब हुए 8 लोगों की तलाश खत्म

अनाक क्राकाताउ ज्वालामुखी के पास गायब हुए 8 लोगों की तलाश खत्म

कुदरत के कहर के आगे इंसान की बेबसी कई बार दिल दहला देने वाली होती है। इंडोनेशिया में कुछ ऐसा ही दर्दनाक मंजर फिर से सामने आया है, जहां सुंडा जलडमरूमध्य में सक्रिय अनाक क्राकाताउ ज्वालामुखी के इर्द-गिर्द लापता हुए आठ लोगों की तलाश अब आधिकारिक रूप से बंद कर दी गई है[cite: 1]. सात दिनों तक चले व्यापक सर्च ऑपरेशन के बाद भी बचाव दलों के हाथ कोई सुराग नहीं लगा[cite: 1], और इस खौफनाक सच्चाई को स्वीकार करना ही पड़ा कि उम्मीदें अब दम तोड़ चुकी हैं।

अगर आप सोच रहे हैं कि आखिर वहां क्या हुआ था, तो मामला सितंबर की शुरुआत का है[cite: 1]. पश्चिमी इंडोनेशिया के समुद्री इलाके में पांच पत्रकार और तीन क्रू मेंबर एक स्पीडबोट पर सवार होकर रिपोर्टिंग या मुआयने के लिए निकले थे[cite: 1]. अचानक 7 सितंबर को उनका संपर्क पूरी तरह टूट गया[cite: 1]. उस वक्त अनाक क्राकाताउ ज्वालामुखी लगातार आग उगल रहा था और इलाके में हाई अलर्ट घोषित किया जा चुका था[cite: 1].

तलाशी अभियान क्यों बंद करना पड़ा

राष्ट्रीय खोज और बचाव एजेंसी के तय नियमों के मुताबिक, किसी भी आपदा या दुर्घटना के बाद रेस्क्यू ऑपरेशन चलाने की एक निश्चित समय सीमा होती है[cite: 1]. बैंटेन सर्च एंड रेस्क्यू एजेंसी के प्रमुख अल अमराद ने साफ किया कि लगातार सात दिनों तक जल पुलिस, नौसेना और स्थानीय गोताखोरों ने चप्पा-चप्पा छान मारा[cite: 1]. आसमान से लेकर समंदर की गहराइयों तक तलाश की गई, लेकिन नाव का मलबा तो दूर, किसी का कोई निशान तक नहीं मिला[cite: 1].

बिना किसी ठोस सुराग के सात दिन तक लगातार संसाधन झोंकना व्यावहारिक नहीं रह जाता, इसलिए भारी मन से इस ऑपरेशन को रोकने का फैसला लिया गया[cite: 1]. हालांकि, प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि भविष्य में समंदर में कोई तैरता हुआ मलबा या नई जानकारी मिलती है, तो खोजबीन फिर से शुरू की जा सकती है[cite: 1]. इस बीच, एंगानो द्वीप के पास एक अज्ञात शव मिलने की खबर पर भी पुलिस जांच कर रही है[cite: 1], ताकि यह पता लगाया जा सके कि उसका इस हादसे से कोई संबंध है या नहीं, हालांकि डीएनए रिपोर्ट अभी आनी बाकी है[cite: 1].

अनाक क्राकाताउ का तांडव और मौजूदा हालात

अनाक क्राकाताउ कोई आम ज्वालामुखी नहीं है। यह वही इलाका है जहां का इतिहास तबाही के खौफनाक अध्यापकों से भरा पड़ा है। इस बार सितंबर के पहले हफ्ते से ही यह फिर से धधकना शुरू हो गया था[cite: 1]. स्थानीय समयानुसार 4 सितंबर की रात करीब 11 बजे इसमें भयंकर विस्फोट हुआ और अगली सुबह तक आसमान में लावा की ऊंची फुहारें साफ देखी गईं[cite: 1].

प्रशासन ने तुरंत हरकत में आते हुए इसे 'लेवल III' यानी गंभीर अलर्ट की श्रेणी में रखा[cite: 1]. क्रेटर के आसपास तीन किलोमीटर के दायरे को पूरी तरह से 'एक्सक्लूजन जोन' घोषित कर दिया गया था[cite: 1], यानी वहां किसी भी आम नागरिक या पर्यटक के जाने पर सख्त पाबंदी थी। बावजूद इसके, समुद्री सीमा और आसपास के इलाकों में काम करने वाले लोग इस खतरे के साए में रहते हैं।

क्या दोबारा सुनामी का खतरा है

जब भी क्राकाताउ का नाम आता है, लोगों के जहन में 2018 की वो भयानक सुनामी ताजा हो जाती है जब इसका एक बड़ा हिस्सा ढहने से भयंकर तबाही आई थी। यही वजह है कि इस बार भी लोगों के मन में डर बैठ गया था कि कहीं वैसी ही कोई अनहोनी फिर न हो जाए।

लेकिन इंडोनेशिया की जियोलॉजिकल एजेंसी ने इस मामले में थोड़ी राहत भरी बात कही है[cite: 1]. उनका कहना है कि 2018 के बाद से ज्वालामुखी का जो नया ढांचा तैयार हुआ है, वह आकार में अभी काफी छोटा है[cite: 1]. इसलिए फिलहाल इसके इतने बड़े पैमाने पर टूटने या ढहने की आशंका नहीं है जिससे सुनामी जैसी कोई बड़ी आपदा आए[cite: 1]. नेशनल डिजास्टर मैनेजमेंट एजेंसी यानी BNPB ने भी लोगों से अपील की है कि वे डरें नहीं[cite: 1], लेकिन अपनी तरफ से पूरी सतर्कता जरूर बरतें[cite: 1].

समंदर से गुजरने वालों के लिए कड़ी चेतावनी

खोज अभियान भले ही बंद कर दिया गया हो, लेकिन खतरा टला नहीं है। सुंडा जलडमरूमध्य से आने-जाने वाले तमाम कमर्शियल जहाजों, कार्गो और बोट्स को विशेष चेतावनी जारी कर दी गई है[cite: 1]. मछुआरों को खासतौर पर हिदायत दी गई है कि वे ज्वालामुखी के क्रेटर के पास बिल्कुल न जाएं[cite: 1]. स्थानीय प्रशासन और तटरक्षक बल लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं ताकि किसी भी नई आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके[cite: 1]. प्रकृति के इस रौद्र रूप के सामने इंसान कितना लाचार हो सकता है, यह घटना इसकी एक और दर्दनाक मिसाल बन गई है[cite: 1].

KK

Kenji Kelly

Kenji Kelly has built a reputation for clear, engaging writing that transforms complex subjects into stories readers can connect with and understand.