सऊदी अरब की तेल पाइपलाइन पर हुए ड्रोन हमले का सच इराक के हाथ लगा लॉन्च पैड

सऊदी अरब की तेल पाइपलाइन पर हुए ड्रोन हमले का सच इराक के हाथ लगा लॉन्च पैड

जब पश्चिम एशिया के रेगिस्तानों के ऊपर आसमान में कोई ड्रोन उड़ता है, तो उसका निशाना सिर्फ कोई कंक्रीट की इमारत नहीं होती, बल्कि पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था हिल जाती है। सऊदी अरब की रीढ़ मानी जाने वाली ईस्ट-वेस्ट ऑयल पाइपलाइन पर हाल ही में हुए ड्रोन हमले ने एक बार फिर मध्य पूर्व की सुलगती आग को सतह पर ला दिया है। लेकिन इस बार कहानी में एक नया मोड़ आया है। इराकी सुरक्षा बलों ने उस लॉन्च पैड को ढूंढ निकाला है जहां से बैठकर इस खतरनाक खेल को अंजाम दिया गया था।

सऊदी की तेल धमनियों पर मंडराता खतरा कोई नई बात नहीं है, मगर इस बार जांच का दायरा बहुत आगे निकल चुका है। इराकी सिक्योरिटी मीडिया सेल के प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल साद मान ने साफ कर दिया है कि खुफिया एजेंसियों की संयुक्त टीम ने उस ठिकाने को ट्रैक कर लिया है जहां से ड्रोन आसमान में छोड़े गए थे। मौके से वे तमाम उपकरण भी बरामद कर लिए गए हैं जिनका इस्तेमाल इस तबाही की योजना बनाने में हुआ था। जब ऐसे आधुनिक युद्ध के उपकरण किसी देश की सीमा के भीतर से बरामद होते हैं, तो सियासत और सुरक्षा के समीकरण पूरी तरह बदल जाते हैं।

सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या इस लॉन्च पैड के मिलने से उस पूरे गुप्त नेटवर्क का पर्दाफाश होगा जो परदे के पीछे बैठकर क्षेत्र को अशांत करना चाहता है। इराक अब इस मामले को हल्के में नहीं ले रहा है। बगदाद की सरकार ने यह स्पष्ट रुख अपनाया है कि उसकी ज़मीन का इस्तेमाल किसी भी पड़ोसी देश के खिलाफ प्रॉक्सी वॉर के अड्डे के रूप में नहीं होने दिया जाएगा। नीति साफ है, खतरा पैदा होने से पहले ही उसका खात्मा करना यानी 'प्रिवेंटिव सोवरनिटी'।

सऊदी अरब और इराक के बीच इस मामले को लेकर लगातार उच्च स्तरीय संपर्क बना हुआ है। इराकी अधिकारी सऊदी सुरक्षा एजेंसियों के साथ पल-पल की जानकारी साझा कर रहे हैं ताकि भविष्य में इस तरह की हरकतों पर नकेल कसी जा सके। लाल सागर के रास्ते से लेकर ज़मीनी तेल पाइपलाइनों तक, ऊर्जा सुरक्षा पर लगातार तलवार लटक रही है। हूती विद्रोहियों के हमलों और क्षेत्रीय तनाव के इस दौर में यह खोज महज़ एक ज़मीन का टुकड़ा ढूंढने भर की बात नहीं है, बल्कि यह इस बात का प्रमाण है कि खुफिया तंत्र अब ज्यादा आक्रामक तरीके से सक्रिय हो चुका है।

अगर यह नेटवर्क पूरी तरह बेनकाब होता है, तो आने वाले दिनों में पश्चिम एशिया की कूटनीति में बड़े फेरबदल देखने को मिलेंगे। ज़मीन के जिस टुकड़े से तबाही का सामान उड़ा था, अब वही टुकड़ा इस साजिश रचने वालों के अंत की शुरुआत बन सकता है।

AW

Aiden Williams

Aiden Williams approaches each story with intellectual curiosity and a commitment to fairness, earning the trust of readers and sources alike.