हॉर्मुज जलडमरूमध्य में इस वक्त जो बारूद सुलग रहा है, उसने पूरी दुनिया की सांसें अटका दी हैं. ईरान ने अचानक ऐलान कर दिया कि हॉर्मुज आज से सभी जहाजों के लिए पूरी तरह बंद रहेगा. तेहरान का कहना है कि जब तक अमेरिकी दखल खत्म नहीं होता, वहां से कोई पत्ता भी नहीं हिलेगा. लेकिन वाशिंगटन में बैठे डोनाल्ड ट्रंप अलग ही मूड में हैं. ट्रंप ने सीधा थ्रेट दे दिया है कि वे हॉर्मुज को पूरी तरह अपने कंट्रोल में ले रहे हैं. सिर्फ इतना ही नहीं, ट्रंप ने यह भी कह दिया कि अब इस रास्ते से गुजरने वाले मालवाहक जहाजों से अमेरिका 20 फीसदी का मोटा टैक्स यानी टोल वसूलेगा. यह सब अचानक नहीं हुआ. इसके पीछे महाशक्तियों की वो रस्साकशी है जो ग्लोबल मार्केट को तबाह करने पर तुली है.
ईमानदारी से कहें तो यह जंग सिर्फ दो देशों की नहीं है, बल्कि दुनिया की लाइफलाइन पर कब्जे की है. जब ईरान ने रास्ते बंद करने का दावा किया, तो ट्रंप ने सोशल मीडिया पर आकर इसे सिरे से खारिज कर दिया. उन्होंने साफ कहा कि रास्ता खुला है क्योंकि हमने रातभर वहां बमबारी की है. लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि शिपिंग कंपनियां डरी हुई हैं. 17 जून को दोनों देशों के बीच जो 60 दिनों का सीजफायर समझौता हुआ था, वह अब पूरी तरह कागज का टुकड़ा बन चुका है.
हॉर्मुज जलडमरूमध्य में ईरान का दांव और सच
ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) का दावा है कि उन्होंने हॉर्मुज को सील कर दिया है. वे कहते हैं कि विदेशी ताकतें उनकी संप्रभुता से खिलवाड़ कर रही हैं. लेकिन क्या वाकई ईरान इस रास्ते को पूरी तरह ब्लॉक कर सकता है? केपलर के मरीन डेटा को देखें तो पता चलता है कि दावों के बीच भी कुछ कमर्शियल जहाज वहां से चुपके से निकल रहे हैं. इसका मतलब यह है कि ईरान पूरी तरह रास्ता नहीं रोक पाया है, पर उसने डर का ऐसा माहौल बना दिया है कि कोई भी इंश्योरेंस कंपनी इन जहाजों का बीमा करने को तैयार नहीं है.
ईरान ने समुद्र में बारूदी सुरंगें बिछा दी हैं. उनके पास सैकड़ों की तादाद में ऐसी तेज रफ्तार नावें हैं जो मिसाइलों से लैस हैं. वे सैटेलाइट जीपीएस को जैम कर रहे हैं ताकि जहाजों को रास्ता ही न मिले. तेहरान के बड़े रणनीतिकार साफ कह रहे हैं कि यह रास्ता उनके लिए दर्जनों परमाणु बमों से ज्यादा कीमती है. वे इसे आसानी से अमेरिकी हाथों में नहीं जाने देंगे.
ट्रंप का नया अवतार और गार्जियन ऑफ द स्ट्रेट
डोनाल्ड ट्रंप ने खुद को 'गार्जियन ऑफ द Strait of Hormuz' घोषित कर दिया है. उनका कहना है कि अगर अमेरिकी नौसेना इस इलाके की सुरक्षा कर रही है, तो दुनिया को इसका हर्जाना देना होगा. यह 20 फीसदी टोल टैक्स लगाने का जो फैसला है, उसने भारत समेत कई एशियाई देशों के माथे पर बल ला दिए हैं. ट्रंप का लॉजिक सीधा है. आप हमारी सुरक्षा चाहते हैं, तो पैसे दीजिए.
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने साफ किया है कि वे ईरान के जहाजों और उनके ग्राहकों को रोकने के लिए सख्त नाकाबंदी फिर से लागू कर रहे हैं. बाकी दुनिया के लिए वे रास्ता खुला रखना चाहते हैं. पर सवाल वही है कि जब गोलियां चल रही हों, तो कोई अपना अरबों का जहाज उस संकरे रास्ते में क्यों डालेगा? अमेरिका ने पिछले कुछ दिनों में ईरान के 140 से ज्यादा ठिकानों पर मिसाइलें दागी हैं. जवाब में ईरान ने ओमान और यूएई के पास अमेरिकी ठिकानों और जहाजों को निशाना बनाया है. स्थिति बेकाबू है.
तेल की कीमतों में लगी आग और भारत पर असर
इस पूरे ड्रामे का सबसे बुरा असर ग्लोबल इकॉनमी पर पड़ रहा है. जैसे ही हॉर्मुज बंद होने की खबरें आईं, कच्चे तेल की कीमतों में ऐतिहासिक उछाल देखने को मिला. पूरी दुनिया का करीब 20 प्रतिशत तेल इसी रास्ते से होकर जाता है. अगर यह हफ्तों तक बंद रहा, तो पेट्रोल-डीजल के दाम आसमान छूने लगेंगे.
भारत के लिए यह स्थिति बहुत नाजुक है. हमारा अधिकांश तेल आयात खाड़ी देशों से होता है. अगर ट्रंप 20 फीसदी का सुरक्षा टैक्स वसूलते हैं, तो भारतीय कंपनियों की लागत बहुत बढ़ जाएगी. हालांकि ईरान ने कूटनीतिक गलियारों में यह संकेत दिया है कि वह भारत जैसे मित्र देशों से कोई टैक्स या टोल नहीं वसूलेगा, लेकिन अमेरिकी नाकाबंदी के बीच वहां से सुरक्षित निकलना किसी चुनौती से कम नहीं है.
आगे क्या होने वाला है
यह संकट इतनी जल्दी सुलझने वाला नहीं दिख रहा. एक तरफ ईरान अपनी साख बचाने के लिए अड़ा है, दूसरी तरफ ट्रंप अपनी ताकत का प्रदर्शन कर रहे हैं. दोनों ही पीछे हटने को तैयार नहीं हैं. शांति समझौते की उम्मीदें फिलहाल खत्म हो चुकी हैं.
अगर आप तेल या कमोडिटी मार्केट में निवेश करते हैं, तो अगले 48 घंटे आपके लिए बेहद क्रिटिकल हैं. सप्लाई चेन में बड़ी रुकावट आने वाली है. अपनी निवेश रणनीतियों को तुरंत बदलें और एनर्जी स्टॉक्स पर कड़ी नजर रखें क्योंकि मार्केट में भारी उतार-चढ़ाव आने वाला है. अमेरिकी ब्लॉकैड लागू होने का समय नजदीक आ रहा है, इसलिए ग्लोबल शिपिंग रूट्स के लाइव अपडेट्स को ट्रैक करना शुरू कर दें.