What Most People Get Wrong About Israel Latest Ballistic Missile Strikes inside Iran

What Most People Get Wrong About Israel Latest Ballistic Missile Strikes inside Iran

पश्चिम एशिया में तनाव एक बार फिर चरम पर है। सोमवार सुबह ईरान की इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने एक बड़ा दावा किया कि इजरायल ने उनके सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने के लिए हवा से मार करने वाली बैलेस्टिक मिसाइलों (Air-Launched Ballistic Missiles) का इस्तेमाल किया है। तेहरान, इस्फ़हान, तबरीज़ और करज के आसमान में हुए धमाकों ने पूरी दुनिया को हिलाकर रख दिया है। लेकिन इस हमले के पीछे की असली कहानी क्या है? आम तौर पर लोग इसे केवल एक सामान्य हवाई हमला मान रहे हैं, जो कि पूरी तरह गलत है।

यह हमला साधारण फाइटर जेट्स की बमबारी नहीं था। यह इजरायल की उस सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है जो ईरान के एयर डिफेंस सिस्टम को पूरी तरह चकमा देने के लिए तैयार की गई थी। जब मिसाइलें सीधे ईरानी सरजमीं पर गिरीं, तो उसने सुरक्षा विशेषज्ञों के सामने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए। Meanwhile, you can find related developments here: Why the Worlds Longest Immersed Tunnel Still Matters Despite Huge Delays.

IRGC के दावे और जमीनी हकीकत

ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी IRNA के मुताबिक, इजरायली वायुसेना ने सीधे ईरान की संप्रभुता पर हमला बोला। धमाकों की गूंज राजधानी तेहरान से लेकर इस्फ़हान तक सुनी गई। इजरायली सेना (IDF) ने खुलकर स्वीकार किया है कि उनके निशाने पर पश्चिमी और मध्य ईरान में मौजूद "ईरानी शासन" के प्रमुख सैन्य ठिकाने थे।

यह पूरी सैन्य कार्रवाई रविवार को ईरान द्वारा उत्तरी इजरायल पर किए गए ताबड़तोड़ मिसाइल हमलों का सीधा जवाब थी। ईरान ने दावा किया था कि उसने बेरूत में इजरायली एयरस्ट्राइक का बदला लेने के लिए वे हमले किए थे। पर इजरायल के पलटवार ने ईरान को चौंका दिया है। IRGC का कहना है कि ये मिसाइलें या तो इराकी हवाई क्षेत्र में उड़ रहे लड़ाकू विमानों से दागी गईं या फिर भूमध्य सागर में तैनात नौसैनिक जहाजों से छोड़ी गईं। To explore the complete picture, we recommend the recent report by The Washington Post.

हवा से दागी जाने वाली बैलेस्टिक मिसाइलें इतनी खतरनाक क्यों हैं

ज़्यादातर लोग बैलेस्टिक मिसाइल का मतलब जमीन से छोड़े जाने वाले भारी-भरकम रॉकेट समझते हैं। यहीं पर लोग बड़ी चूक करते हैं। हवा से लॉन्च की जाने वाली बैलेस्टिक मिसाइलें (ALBM) गेम के नियमों को पूरी तरह बदल देती हैं।

जब एक फाइटर जेट अत्यधिक ऊंचाई पर उड़ते हुए मिसाइल दागता है, तो मिसाइल को शुरुआती गति और ऊंचाई पहले से मिली होती है। इससे उसकी मारक क्षमता और रफ्तार दोनों कई गुना बढ़ जाती हैं। रडार के लिए इन्हें ट्रैक करना बेहद मुश्किल होता है क्योंकि इनके लॉन्च का कोई फिक्स ग्राउंड स्टेशन नहीं होता। इजरायल ने ठीक इसी तकनीक का इस्तेमाल करके ईरान के रडार नेटवर्क को पंगु बना दिया।

क्या पूरी तरह नाकाम रहा ईरान का रडार नेटवर्क

ईरान लंबे समय से रूस निर्मित S-300 डिफेंस सिस्टम और अपने घरेलू 'बावर-373' नेटवर्क पर गर्व करता रहा है। लेकिन इस हमले ने उसकी कमजोरियों को सरेआम उजागर कर दिया। जब मिसाइलें इराकी हवाई क्षेत्र से ही लॉन्च हो गईं, तो ईरान के डिफेंस सिस्टम को संभलने का मौका ही नहीं मिला।

इस्फ़हान और करज जैसे संवेदनशील इलाकों में, जहां ईरान के परमाणु और प्रमुख मिसाइल रिसर्च सेंटर हैं, वहां धमाके होना यह साफ करता है कि इजरायल के पास सटीक खुफिया इनपुट थे। इजरायल ने सीधे तौर पर उन ठिकानों को पंगु बनाने की कोशिश की है जो भविष्य में उस पर हमला कर सकते थे।

क्या युद्धविराम की कोशिशें पूरी तरह खत्म हो चुकी हैं

अप्रैल में हुए समझौते के बाद से एक नाजुक संघर्षविराम की उम्मीदें बंधी हुई थीं। गाजा, लेबनान और ईरान के बीच पर्दे के पीछे बातचीत चल रही थी। लेकिन सोमवार सुबह की इस कार्रवाई के बाद वे सारी कोशिशें अब ठंडे बस्ते में जाती दिख रही हैं।

ईरान के विदेश मंत्रालय ने साफ कहा है कि यह हमला उनकी संप्रभुता का खुला उल्लंघन है और वे इसका "करारा जवाब" देंगे। जब दोनों देश सीधे एक-दूसरे की मुख्य भूमि को निशाना बनाने लगें, तो प्रॉक्सी वॉर (छद्म युद्ध) का दौर खत्म हो जाता है। अब यह एक सीधी और बेहद खतरनाक जंग में तब्दील हो चुका है।

आगे क्या होने वाला है

अगर आप सोच रहे हैं कि यह मामला यहीं शांत हो जाएगा, तो आप गलत हैं। आने वाले दिनों में आपको इन तीन मोर्चों पर बड़ी हलचल देखने को मिलने वाली है:

  • कच्चे तेल के दामों में उछाल: होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के पास तनाव बढ़ते ही वैश्विक तेल आपूर्ति पर सीधा असर पड़ेगा।
  • बगदाद पर कूटनीतिक दबाव: इजरायल ने मिसाइल दागने के लिए इराकी एयरस्पेस का इस्तेमाल किया, जिससे इराक और ईरान के रिश्तों में कड़वाहट आनी तय है।
  • ईरान का पलटवार: IRGC अपने खोए हुए सम्मान को वापस पाने के लिए आने वाले 48 घंटों के भीतर किसी बड़े मिसाइल या ड्रोन हमले की योजना बना सकता है।

वैश्विक भू-राजनीति को करीब से समझने के लिए आपको केवल दावों पर नहीं, बल्कि इस्तेमाल किए गए हथियारों की तकनीक पर नजर रखनी होगी। इजरायल ने यह साफ कर दिया है कि वह ईरान के भीतर कहीं भी और कभी भी स्ट्राइक करने की क्षमता रखता है।

AW

Aiden Williams

Aiden Williams approaches each story with intellectual curiosity and a commitment to fairness, earning the trust of readers and sources alike.